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प्रश्न

javed shah-khajrana
ज़िंदगी एक सफर है सुहाना ,यहाँ कल क्या हो ??किसने जाना / पानी के बुलबुले कि मानिंद हमारी ज़िंदगी है /// एक दूसरे पे कीचड़ उछालना कहाँ तक उचित है?????


03 November, 2009 07:36 PM
उपयोगकर्ताओं के उत्तर
उत्तर: 5
narasimha dikshit स्वामी विवेकानंद जी ने कहा है बि एंड मैक यानि पहले स्वयम कुछ बन कर दिखाये, फिर दूसरों को भी कुछ बनने में सहायता कीजिये. अर्थात स्वयम के साथ दूसरों को भी सुधारते रहना. गुणवान बनाना.


06 November, 2009 07:41 PM
RAMZAN ALI Manikant Vishwakarma जी साधुवाद.......


04 November, 2009 08:41 PM
Manikant Vishwakarma भाई हमारे भाषा में इसे होली कहते है आनंद लो हमेसा खुस रहो


04 November, 2009 12:32 PM
Guest भाई तुम खुश्नसीब हो कि केवल रात में ही गिरता है तुम्हारे दोस्त जावेद शाह खजाना का तो दिन में भी गिरता है.


04 November, 2009 10:39 AM
bindu jain जिंदगी के ले लो मजे , कौन जाने कल क्या हो ............................


03 November, 2009 09:14 PM
 
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