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भाई, 1 बात सुन. या तो दुनिया की रीत है. जो कोई गलती करेगा, उसका खामियाजा तो भुगतना ही पड़ेगा. हिंदू कमजोर ना था, ना है,
पर हमने अपने को कमजोर कर लिया. हम बँट गये हैं, सब बोलेगे कि में ईसाई हूँ, में मुस्लिम हूँ, पर हिंदु बोलेगा कि में जाट - में ब्राह्मण - में बाणिया - में ये में वो.......
आगे आप ख़ुद समझ जा यार.
08 November, 2009 10:00 AM
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